Adipurush vs Ramayana VFX Comparison: नितेश तिवारी और DNEG ने कैसे सुधारा बॉलीवुड का सबसे बड़ा CGI डिजास्टर Ramayana Movie VFX Review Hindi: साल 2023 में जब ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) आई थी, तो वह अपने खराब CGI, कार्टून जैसे कैरेक्टर डिज़ाइन्स और अजीब डार्क विजुअल्स के लिए ट्रोल हुई थी। उस फिल्म ने दर्शकों के मन में यह डर पैदा कर दिया था कि क्या बॉलीवुड कभी पौराणिक महाकाव्यों (Mythological Epics) के साथ न्याय कर पाएगा? लेकिन नितेश तिवारी की ‘रामायण’ (2026) के ऑफिशियल ट्रेलर ने इस डर को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
ऑस्कर विनिंग विजुअल इफेक्ट्स स्टूडियो DNEG के साथ मिलकर मेकर्स ने ट्रेलर के हर एक फ्रेम में कमाल का काम किया है। आइए सीधे तौर पर समझते हैं कि कैसे ‘रामायण’ के VFX ने आदिपुरुष की सभी तकनीकी गलतियों को सुधार दिया है।
1.भव्य और चमकीली अयोध्या बनाम आदिपुरुष की अंधेरी ‘गोथम सिटी’
आदिपुरुष की सबसे बड़ी कमजोरी उसका डार्क और ग्लूमी (अंधेरा) विजुअल पैलेट था। लंका और अयोध्या को देखकर ऐसा लगता था मानो किसी सस्ते वीडियो गेम का बैकग्राउंड हो।
इसके उलट, ‘रामायण’ का ट्रेलर प्राचीन भारत की असली भव्यता को दिखाता है। इसमें अयोध्या को दिव्य, सूर्य की रोशनी से चमकता हुआ और बारीक वास्तुकला (architectural details) के साथ दिखाया गया है। यहाँ तक कि लंका भी कोई डरावना काला किला नहीं, बल्कि सोने की भव्य नगरी जैसी दिखती है। नेचुरल लाइटिंग के इस्तेमाल से यह पूरी काल्पनिक दुनिया बिल्कुल असली और जीवंत लगती है।
2. जनता के फीडबैक पर तुरंत सुधार (The Practical Retake)
कुछ समय पहले जब ‘Rama Glimpse’ रिलीज हुआ था, तब फैंस ने शिकायत की थी कि विजुअल्स में थोड़ा ज्यादा पीलापन (Heavy Yellow Tint) है और कुछ एजेस अनपॉलिश्ड हैं।
नितेश तिवारी और DNEG ने इस फीडबैक को नजरअंदाज नहीं किया। ऑफिशियल ट्रेलर में साफ दिख रहा है कि उन्होंने कलर ग्रेडिंग को सुधारा है, स्काईबॉक्स को नेचुरल किया है और शार्पनेस को बढ़ाया है। यह तकनीकी जिम्मेदारी आदिपुरुष के मेकर्स में बिल्कुल गायब थी।
असली राक्षसों का खौफ बनाम कार्टून विलेन्स
आदिपुरुष में सैफ अली खान के रावण के चमगादड़ जैसे जीव और अजीबोगरीब मॉन्स्टर्स आपको याद होंगे, जो हमारी पारंपरिक कल्पना से बिल्कुल अलग और बचकाने लगते थे।’
रामायण’ के ट्रेलर ने भारत की पारंपरिक कला और ग्रंथों के आधार पर जीवों (Creatures) को डिजाइन किया है। ट्रेलर में दिखने वाले राक्षस सचमुच खौफनाक और सनातनी कला से प्रेरित लगते हैं। वे स्क्रीन पर एक्टर्स के साथ पूरी तरह मैच होते हैं और कहीं से भी ‘सस्ते ग्रीन-स्क्रीन’ का हिस्सा नहीं लगते।
4. एक्टर्स और डिजिटल बैकग्राउंड का परफेक्ट तालमेल (No Uncanny Valley)
असली एक्टर्स को पूरी तरह से कंप्यूटर से बनी (CGI) दुनिया में फिट करना सबसे मुश्किल काम होता है। आदिपुरुष में एक्टर्स अपने बैकग्राउंड से अलग कटे-कटे से लगते थे (Uncanny Valley Effect)।
‘रामायण’ के ट्रेलर में रणबीर कपूर और अन्य किरदारों पर पड़ने वाली लाइटिंग को डिजिटल बैकग्राउंड के साथ पूरी तरह मैच किया गया है। चाहे वह घने जंगलों के बीच रणबीर का लुक हो या महल की विशाल दीवारें, सब कुछ एक जैसा और असली लगता है। एक्टर्स के डिजिटल डबल्स (Digital Doubles) का काम भी बहुत स्मूथ है।
5. हॉलीवुड का स्केल और सनातन की आत्मा
DNEG ने इस फिल्म में वही तकनीक और बारीकी इस्तेमाल की है जो उन्होंने हॉलीवुड की मशहूर फिल्मों जैसे Dune और Interstellar में की थी। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने विजुअल्स की आत्मा को पूरी तरह भारतीय रखा है। किरदारों के चारों ओर दिखने वाला दिव्य तेज (Aura) कोई सस्ता सुपरहीरो लेजर नहीं लगता, बल्कि एक पवित्र और सौम्य चमक जैसा दिखता है।
निष्कर्ष: विजुअल इफेक्ट्स का नया गोल्ड स्टैंडर्ड
आदिपुरुष ने फिल्म इंडस्ट्री को दिखाया था कि बिना सही विजन और सांस्कृतिक समझ के तकनीक का इस्तेमाल कैसे फ्लॉप होता है। वहीं, ‘रामायण’ (2026) का ट्रेलर साबित करता है कि जब दुनिया की सबसे बेहतरीन VFX तकनीक को सम्मान और रिसर्च के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो स्क्रीन पर जादू बिखरता है। इस फिल्म ने सिर्फ एक पुरानी गलती को नहीं सुधारा, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए VFX का एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है।